जानिए ब्रह्मचर्य के 100 फायदे और 25 नियम – Brahmacharya Ke Fayde

Top 100 Brahmacharya Benefits in Hindi, Brahmacharya Ke Fayde, Benefits of Brahmacharya in Hindi

नमस्कार मेरे प्यारे भाईयो और बहनों आप सभी का Shridas K Motivation ब्लॉग पर स्वागत है। दोस्तों आज़ का यह आर्टिकल आप सभी के लिए बहुत ही फायदेमंद और लाइफ सेविंग साबित होने वाला है, इसीलिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़िए।

दोस्तो क्या आप गूगल पर ये सर्च कर रहे हैं कि ब्रह्मचर्य क्या है, ब्रह्मचर्य के फायदे क्या है, ब्रह्मचर्य के नियम क्या है और इसके साथ ही ब्रह्मचर्य का पालन कैसे करे? और आप इन सभी सवालों के जवाब आसान भाषा में जानना चाहते हैं? तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हुए हैं।

Brahmacharya Benefits in Hindi | Brahmacharya Ke Fayde

जानिए ब्रह्मचर्य के 100 फायदे और 25 नियम हिंदी में – Brahmacharya Ke Fayde

Table of Contents

दोस्तो इस आर्टिकल में आपको ब्रह्मचर्य से रिलेटेड सभी Queries के Answers भी आसान भाषा में मिल जायेंगे और उसके साथ ही आपको ब्रह्मचर्य से संबंधित जो भी Books या Pdf File चाहिए होंगी, वो भी आपको यहां पर Free में डाउनलोड करने के लिए मिल जायेगी।

तो दोस्तों बिना समय को गंवाए चलिए अब आर्टिकल की शुरुआत करते हैं। दोस्तो सबसे पहले जानते है की ब्रह्मचर्य क्या है, ब्रह्मचर्य का महत्व क्या है और उसके साथ ही जानते हैं की ब्रह्मचर्य पालन करना इतना क्यों जरूरी है।

Note : दोस्तों इस आर्टिकल में ऐसे बहुत से ऐसे शब्द है, जिनको डायरेक्टली लिखना Google की policy के खिलाप है, इसलिए हमने उन शब्दों के बिच में (_ , . *) ऐसे Symbols ऐड किये हुए है। इसलिए पढ़ते वक्त आप उसे समझ लीजियेगा।

ब्रह्मचर्य क्या है – What is Celibacy in Hindi

“सर्व अवस्थाओ में मन, वचन और कर्म इन तीनों से वास*ना यानी से*क्स का सदैव त्याग करना उसे ब्रह्मचर्य कहा जाता है”।

दोस्तों ब्रह्मचर्य (Celibacy) उन लोगों को बहुत अजीब लगता है, जिन्हें “सं*भोग” शक्ति के बारे में बिलकुल भी कोई जानकारी नहीं है। वी*र्य संभो*ग शक्ति का ईंधन है और ब्रह्मचर्य को संत रहीम जी ने अपने दोहा में निम्न प्रकार से बताया हुआ है और इसका एक सुंदर अर्थ है।

रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सुन | पानी गए न उबरे मोती मानुष चुन ||

दोस्तो इसका अर्थ है : –

कृपया पानी बचाकर रखिए, बिना पानी के सब कुछ बेकार है। यहा चूने का मतलब है आटा। आप पानी के बिना रोटी कैसे बना सकते है और मोती की चमक उसकी पहचान है। यहाँ सबसे दिलचस्प बात यह है कि महान आत्माओं के द्वारा मानव जीवन के लिए पानी के अर्थ को एक सुंदर तरीके से बताया गया है।

यहा पर पानी की तुलना वी*र्य से की गई है और मनुष्य के शरीर में वी*र्य सबसे महत्वपूर्ण तरल पदार्थ है और महिला के शरीर में इसे रज कहा जाता है। वी*र्य मानवी शरीर का सार द्रव है। इस प्रकार यदि हम इसकी रक्षा कर लेते हैं और इसे सही जगह पर उपयोग करते हैं, तो हम भी ब्रह्मचर्य को सार्थक कर पाएंगे।

ब्रह्मचर्य का महत्व क्या है और ब्रह्मचर्य क्यों आवश्यक है?

दोस्तो जो इंसान विषय विकारों में लिप्त है वो बंधा हुआ है और जो व्यक्ति विषयों से अलिप्त है वो मुक्त है। और जो व्यक्ति का*मदेव के बाणों से व्यथित नही हुआ हो वही महाशुर हैं। जो लोग अकाल मृत्यु से मरते हैं, वे लोग मोक्ष के अधिकारी नहीं हाते है। इसीलिए अकाल मृत्यु से बचने के लिये ब्रह्मचर्य का पालन करना बहुत आवश्यक है।

ब्रह्मचर्य पर महापुरुषों के विचार – Brahmacharya Quotes in Hindi

मनुष्य बिना ब्रह्मचर्य धारण किये हुए कदापि पूर्ण आयु वाले नहीं हो सकते – ऋग्वेद

ब्रह्मचर्य से मनुष्य दिव्यता को प्राप्त होता है और शरीर के त्यागने पर सद्गति मिलती है – मुनीन्द्र गर्ग

ब्रह्मचर्य के संरक्षण से ही मनुष्य को सब लोको में सुख देने वाली सिद्धियां प्राप्त होती है- मुनिराज अत्रि

ब्रह्मचर्य से ही ब्रह्मज्ञान प्राप्त करने की योग्यता प्राप्त होती है। – पिप्पलाद

ब्रह्मचर्य और अहिंसा शारीरिक तप है – योगिराज कृष्ण

ब्रह्मचर्य के पालन से आत्मबल प्राप्त होता है – पतंजलि

ब्रह्मचर्य व्रत धारण करने वालों को मोक्ष मिलता है- सनत्सुजात मुनी

जो मनुष्य ब्रह्मचारी नहीं उसको कभी सिद्धि नहीं होती, वह जन्ममरणादि क्लेशों को बार-बार भोगता रहता है – अमृतसिद्ध

युवावस्था में ब्रह्मचर्य की उपयोगिता

ब्रह्मचर्य वर्णाश्रम का पहला आश्रम है, जिसके अनुसार ये 0 – 25 वर्ष तक की आयु का होता है। और इस आश्रम का पालन करते हुए विद्यार्थियों को भावी जीवन के लिये शिक्षा ग्रहण करनी होती है।

जैसा कि ऊपर बताया गया है कि ब्रह्म का अर्थ ज्ञान भी है, अतः ब्रह्मचारी को ब्रह्मचर्य, अर्थात ज्ञान प्राप्ति के लिए जीवन बिताना चाहिये।

विद्यार्थी के लिये ज्ञान ही ब्रह्म तुल्य है, पूर्ण तन्मयता से ज्ञान की प्राप्ति करना ही उसका मुख्य उद्देश्य होता है। उसे ब्रह्म चिंतन के साथ पूर्ण लगन से अपने ज्ञान का अर्जन करना होता है।

ब्रह्मचर्य का पालन करने से उसकी बुद्धि तीव्र होती है, उसकी स्मरण शक्ति तीव्र होती है, चहरे पर ओज, तेज होता है। जैसा कि विवेकानन्द जी ने कहा है कि केवल 12 वर्ष तक अखण्ड ब्रह्मचर्य से अद्भूत शक्ति प्राप्त होती है।

ब्रह्मचर्य के नियम क्या है? – Brahmacharya ke Niyam in Hindi

ब्रह्मचारी को स्त्रीयों के रूप लावण्य का ध्यान नहीं करना चाहिये, तथा उसके गुण, स्वरूप और सुख का भी वर्णन नहीं करना चाहिये और उनसे दूर रहना चाहिये। उनके साथ कोई खेल आदि नहीं खेलना चाहिये, उनकी और का*म-दृष्टि से बार-बार नहीं देखना चाहिये।

अगर नजर जाये तो उसे हटा लेनी चाहिये, एकान्त में किसी स्त्री के साथ नही रहना चाहिये, उनके मोह-जाल से दूर रहना चाहिये। दोस्तों एक शब्द में यही है कि अपने उद्देश्य परमानन्द की प्राप्ति को पल-पल ध्यान में रखते हुए विषय-विकार से दूर रहने के अभ्यास को प्रगाढ़ करना चाहिये।

ब्रह्मचर्य का अर्थ अपने खान-पान पर भी नियंत्रण करना भी है। ब्रह्मचारी माँस से, अत्यधिक खट्टे या नमकीन भोजन से और बहुत मसालेदार भोजन से भी संयम रखते हैं। गांधी जी जो की एक जाने माने ब्रह्मचारी भी थे, जिन्होने अपने पूरे जीवनभर सादा ही भोजन किया।

ब्रह्मचर्य पर स्वामी विवेकानंद के विचार

ब्रह्मचर्य विषय पर स्वामी विवेकानन्द जी ने कहा है कि ईश्वर को पाने के एकमात्र लक्ष्य के साथ, मैंने स्वयं बारह वर्ष तक अखण्ड ब्रह्मचर्य का पालन किया है। उससे मानो कि एक पर्दा सा मेरे मस्तिष्क से हट गया है, इसलिए मुझे अब दर्शन जैसे सूक्ष्म विषय पर भाषण देने के लिए भी ज्यादा तैयारी करना या सोचना नहीं पड़ता।

मान लो कि मुझे कल व्याख्यान देना है, जो भी मुझे बोलना होगा वह मेरी आँखों के सामने कई चित्रों की तरह आज रात को गुजर जाता है। और अगले दिन मैं वही सब, जो मैंने देखा था उसे में शब्दों में व्यक्त कर देता हूँ। जो कोई भी १२ वर्ष के लिए अखंड ब्रह्मचर्य का पालन करेगा, वह निश्चित रूप से इस शक्ति को पायेगा।

दोस्तो इस शक्ति को Photographic Memory भी कहा जाता हैं, इसे हासिल करने के लिए एक इंसान को स्वामी जी की तरह 12 साल तक अखण्ड ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है।

फोटोग्राफीक मेमरी क्या है और उसके फायदे क्या है?

यदि यज्ञ वेदों के कर्मकाण्ड का आधार है, तो निश्चित रूप से ब्रह्मचर्य, ज्ञानकाण्ड का आधार है। संस्कृत का शब्द ब्रह्मचारी है, जो कि का*मजित् शब्द का पर्याय है (वह जिसका उसके का*मवेग पर पूरा नियन्त्रण है)। जीवन का हमारा लक्ष्य मोक्ष है और वह ब्रह्मचर्य के पालन के बिना यानी की पूर्ण संयम के बिना कैसे पाया जा सकता है।

दोस्तो एक बार एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटेनिका का सैट देखकर उनके शिष्य ने कहा, इन सारी किताबों को एक जीवन में पढ़ना लगभग असंभव है। स्वामी जी पहले ही दस खण्ड समाप्त कर चुके थे, अतः स्वामी जी ने कहा कि इन १० खण्डों में से जो चाहो प्रश्न पूछ लो और मैं तुम्हें सभी का सही सही उत्तर दूँगा।

स्वामी जी ने न सिर्फ भाव को यथावत् बताया, बल्कि हर खण्ड से चुने गये कठिन विषयों की मूल भाषा तक कई स्थानों पर दुहरा दी। उसके बाद शिष्य स्तब्ध हो गया और उसने किताबें एक तरफ रख दीं, यह कहते हुए कि यह मनुष्य की शक्ति के अन्दर नहीं है!

दोस्तों अब जानते हैं, ब्रह्मचर्य का पालन करने से हमे क्या फायदे मिलते हैं और ब्रह्मचर्य का पालन कैसे करना चाहिए? तो चलिए बिना समय को गंवाए चलिए जानते हैं।

100 Benefits of Brahmacharya in Hindi – ब्रह्मचर्य के फायदे

1. आपकी सोच पवित्र हो जायेगी।

2. आप पहले से अच्छी तरह साँस आयेगी।

3. आपको अपने Emotions को बदलने मे परेशानी नही होगी।

4. आपकी मानसिक शक्ति बढ जायेगी।

5. आप खुद को अच्छी तरह से व्यक्त कर पायगे।

6. आपकी यादाश्त शक्ती बढ जायगी।

7. तनाव मे रहकर भी आप अच्छी तरह से काम कर पायगे।

8. आपका ऊर्जा का स्तर काफी हद तक बढ जायेगा।

9. आपका तनाव कम हो जाएगा।

10. आप लोगो से अच्छी तरह से बात कर पाएंगे।

Brahmacharya Benefits in Hindi Me

11. जो काम हाथ में लिए होंगे वो जरूर पूरे होगे।

12. आपका आत्म विश्वास बढ जायेगा।

13. Social Anxiety खत्म हो जायेगी

14. आप अपने काम पर अच्छे से फोकस कर पाएंगे।

15. आपको छोटी-छोटी चीजों में मजा आने लगेगा।

16. खुद के इमोशंस को काबू मे करने की शक्ति बढ जायगी।

17. आपको अपने माता पिता का डर नही रहेगा। मतलब आपको ऐसा डर नही होगा कि कही आपके पिता आपको गलत काम करते हुए पकड ना लें।

18. मजा बढ जायगा (Increased joy)

19. खुद की नजरों मे आपकी इज्जत और भी ज्यादा बढ जायगी।

20. आपके पास पहले से ज्यादा Free time होगा।

Brahmacharya Ke Fayde Hindi Me – ब्रह्मचर्य के फायदे

21. कम नींद की जरूरत होगी।

22. आपके पास पहले से ज्यादा पैसा होगा क्योंकि अब (उन गं*दी विडियोस को देखने में पैसा बर्बाद नही करना पडेगा)।

23. नई चीजो को करने के लिए उत्साह बढ़ेगा।

24. विनम्रता बढ़ेगी।

25. दूसरो से मदद माँगने मे संकोच नही रहेगा।

26. आपके पत्नी (Wife) के साथ आपके रिश्ते अच्छे हो जायगे।

27. घटनाओ और गानों को याद रखने की झमता बढ जायगी।

28. आप बिना border checks के यात्रा कर पायगे

29. अब आपको इस बात का डर नही रहेगा कि “कही आपको कोई देख न लें”।

30. आपके द्वारा किसी अश्लील Crime को सर्मथन नही पहूचेगा।

Brahmacharya Benefits in Hindi – Brahmacharya Ke Fayde in Hindi

31. दोस्तो के साथ आपका रिश्ता अच्छा हो जायेगा।

32. आपका स्वास्थ पहले से बेहतर हो जायेगा।

33. अध्यात्मिकता के लिए नए दरवाजे खुल जायेंगे।

34. किसी भी काम को करने के लिए उत्साह बना रहेगा।

35. किसी भी नए व्यक्ति से बात करते समय शर्म, डर और झिझक नही लगेगी।

36. दिमागी पागलपन दूर हो जायगा (No paranoia)।

37. आत्म-सुधार (self-improvement) के लिए उत्साह बढेगा।

38. आपको अन्दर ही अन्दर पूर्णता का ऐहसास होगा।

39. किसी भी तरह की अश्लीलता का गुलाम नही बने रहना पडेगा और आप खुद को राजा की तरह महसूस करने लगोगे।

40. खुद पर गिलानी महसूस नही होगी।

Benefits of Brahmacharya in Hindi

41. आपका बहुमूल्य समय बचेगा।

42. आपको लोगो से बात-चीत (Communication) करने मे आसानी होगी।

43. नए सीरे से सेन्सेसो का एहसास होगा।

44. आपको पहले से बहुत ज्यादा ऊर्जा महसूस होगी।

45. दार्शीनिक सोच (philosophical thinking) पहले से ज्यादा गहरी हो जाएगी।

46. पहले से ज्यादा खुद पर काबू रहेगा।

47. मानसिक पावर और शक्तियो का विकास होगा और दिमाग मे एक अलग तरह कि power महसूस होगी।

48. चीजों पर से focus बदलने की झमता में तेजी से विकास होगा।

49. सुबह उठने के बाद आरामदायक महसूस होगा।

50. दुबारा से आपके बुध्दि का विकास होगा।

ब्रह्मचर्य के फायदे – ब्रह्मचर्य के प्रमुख लाभ

51. सम्बन्ध सूधारने मे आसानी होगी।

52. आपको अपने काम (Job या Business) को करने मे मजा आने लगेगा।

53. आपके अंदर अपने मूड को और विचारों को काबू करने की योग्यता बढ जायेगी।

54. बुरे हालातों में खुद को सभाँलने में आसानी होगी।

55. प्रकृति के साथ समय बिताने मे अच्छा महसूस होगा।

56. दूसरे व्यक्तियो को प्रेरित करने की योग्यता आ जायगी।

57. दूसरी अच्छी आदतों को develop करने मे आसानी होगी।

58. किसी भी तरह के plan को बनाने के लिए पर्याप्त मानसिक ऊर्जा होगी।

59. शरीर का आकार बढ जाएगा।

60. लोगो को हँसाने की योग्यता बढ जाएगी।

Brahmacharya Palan Ke Fayde (ब्रह्मचर्य पालन के फायदे)

61. खुद की जिंदगी से प्यार होने लगेगा।

62. अपने और दूसरो के emotions को सभाँलने में आसानी होगी।

63. जिन्दगी एक नए सीरे से शुरू होगी।

64. आपके लिए सुबह बिस्तर पर से उठना आसान होगा।

65. Maturity बढ जाएगी।

66. खुद के काबू मे रहने की एक अच्छी Feeling आ जायेगी।

67. लाइफ के प्रति आशा बनी रहेगी।

68. दूसरी स्कील्स (Skills) जैसे की खाना बनाना, कोडिंग, व्यायाम जैसी अच्छी आदतों को Develop करने मे आसानी होगी।

69. आपके काम की गुणवक्ता बढ़ेगी।

70. घरवालो और दोस्तो से ज्यादा उपहार मिलना शुरू हो जाएगा।

Benefits Of Brahmacharya in Hindi

71. खुद के प्रति जागरूकता बढेगी।

72. आपको दुसरे लोगों से उन गं*दी वीडियोस को छूपाने की कोई चिन्ता नही करनी पडेगी।

73. उस चीज की इच्छा नही उड़ेगी, जिसे करने के बाद आपको ग्लानी महसूस होती है।

74. आप कम बिमार पढ़ोगे और Health Improve होगी।

75. गुस्सा काबू मे आ जायेगा।

76. दूसरो से बात करते समय अच्छा महसूस होगा।

77. आपका Self-Esteem बहुत बढ़ जायेगा।

78. आप पहले से ज्यादा दिलचस्प व्यक्ति बन जायेंगे।

79. सकारात्मक लोग आपकी तरफ आकर्षित होना शुरू हो जायेंगे।

80. पहले से ज्यादा खुश रहेने लग जाओगे।

Brahmacharya Palan Karne Ke Fayde in Hindi Me

81. आपको अपनी Computer या Mobile की History चेक करते समय आपको डर नही लगेगा।

82. आजादी मिलने का ऐहसास होगा।

83. Teamwork अच्छा हो जायेगा।

84. आपकी चिन्ताए खत्म हो जायेगी।

85. आँखो की रोशनी पहले से बहुत ज्यादा बढ़ जायेगी।

86. आपको अपने कपढे कम धोने पड़ेंगे।

87. नई चीजे करने की और बनाने की इच्छाए उढेगी।

88. आपके अंदर पहले से ज्यादा Creativeness आ जायगी।

89. आपके आस-पास कि जिदंगी अच्छी महसूस होनी लग जायेगी।

90. आप में स्वय-अनुशासन और Self Control डेवलप होगा।

Brahmacharya Benefits in Hindi Me – ब्रह्मचर्य के प्रमुख लाभ

91. आपकी भाव ऊर्जा बचेगी।

92. आपके कठिन वक्त मे भी आपकी चुनौतीयो से लडने की योग्यता बढेगी।

93. माहिलाओ के प्रति सम्मान बढ़ेगा।

94. आप में वादे पुरे करने की योग्यता पैदा हो जायेगी।

95. दिमाग मे एक सूकून दायक शांति रह जायेगी।

96. आपका साहस बढ़ जायेगा।

97. आपकी इच्छा शक्ति यानी कि Will Power बढ़ेगी।

98. खुद पर और दूसरो पर विश्वास बढे़गा।

99. दूसरो को अपनी चीजें साझा करने मे आपको अच्छा महसूस होगा।

100. हर जगह सफलता आपके कदम चुमेगी।

ब्रह्मचर्य का पालन कैसे करें और ब्रह्मचर्य पालन के लिए बहुत जरूरी टिप्स

दोस्तो सबसे पहले ये जानिए की ये का*म विकार क्या है और इसने मेरी इतनी दुर्गति क्यों कर रखी है? इसके लिए चैकिंग करने कि जरूरत है।

दुश्मन पर जीत प्राप्त करने के लिए दुश्मन को अच्छी तरह से जानना बहुत जरूरी है। ठीक वैसे ही इस का*म विकार को जीतने के लिए इसको अच्छी तरह से जानना बहुत जरूरी है।

जैसे कि ये कब आता है किन जगह पर आता है, किन के साथ आता है और क्या करने पर आता है। उन्हें पहचान कर उनसे बचना है और उन्हें दूर करना है।

ब्रह्मचर्य संबंधित अच्छी किताबों का अध्ययन करना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। क्योंकि जब तक हमें पूरी जानकारी नहीं है, तब तक हम चाहकर भी इस पर जीत हासिल नहीं कर सकते। इसलिए रोजाना कुछ ना कुछ ब्रह्मचर्य के बारे में जरूर पढ़ें।

जैसे की ब्रह्मचर्य के संबंधित की किताबें पढ़ना या वीडियोस को देखना इत्यादि। हमने आपके लिए इस पोस्ट की आखिर में कुछ किताबे पढ़ने के लिए suggest किए हुए हैं। और उनकी Pdf File भी Download करने की लिंक भी नीचे दी हुई है।

दोस्तो अगर आप उन सभी किताबो को डाउनलोड करके उन्हें पूरा पढ़ लेते हैं, तो आपको ये सभी किताबे ब्रह्मचर्य की इस यात्रा में बहुत मददगार साबित हो सकते हैं। किताबों को free में डाउनलोड करने की लिंक आर्टिकल के अंत में दी हुई है।

हमेशा खुद को बिजी रखें, अगर आप खुद को बिजी रखते हो, तो आपके मन मे गं*दे विचार आ ही नहीं सकते। तो इसलिए सबसे पहले आप ये चेक करिए कि किस समय आप फ्री होते हो और उस समय की आप कुछ ना कुछ प्लानिंग करके रख लीजिए।

हम कोशिश करते हैं फिर भी गलत विचार आते हैं, तो इसका एक बड़ा कारण भोजन है। अगर भोजन में हम उत्तेजित करने वाली चीजें जैसे की लाल मिर्च, ज्यादा मिर्च मसाला, तली भुनी हुई चीजें, प्याज और लहसुन इन सभी चीजों का प्रयोग करते हैं, तो ना चाहते हुए भी आपके मन में काम विकार के संकल्प आएंगे।

तो इसीलिए भोजन पर पूरा नियंत्रण रखना बहुत जरूरी है। क्योंकि जब तक हम अपने रस इंद्रियों को नहीं जीत सकते, तब तक हमारे लिए जन*न इंद्रियों को जीतना संभव ही नहीं है। सुबह जल्दी उठने की आदत डालें, सुबह 4 से 5 बजे तक उठ जाए, इससे आपकी समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी और रात को जल्दी सोने की आदत भी डाल लें।

सबसे जरूरी चीज यह है कि हम क्या देख सुन पढ़ रहे हैं, क्योंकि जो हम देखेंगे, सुनेंगे और पढ़ेंगे उसका प्रभाव हमारे मन पर भी पड़ता है। तो इसलिए इस बात का पूरा ध्यान रखें की हम जो भी देख, सुन व पढ़ रहे हैं वह सात्विक हो और उसमें किसी भी प्रकार की गंदगी ना हो।

इंटरनेट और मोबाइल का केवल सीमित मात्रा में जरूरत पड़ने पर ही प्रयोग करें। बिना लक्ष्य के इंटरनेट पर ना जाए और अपना लक्ष्य पूरा होने के बाद वापस इंटरनेट से बाहर आ जाए।

और ऐसा कोई भी वीडियो, फोटो, ऑडियो, किताब या कोई चैनल या ग्रुप जैसे की फेसबुक टेलीग्राम, यूट्यूब, इंस्टाग्राम पर हो जिसमें अश्ली*लता हो, मन को उत्तेजित करने वाला हो उसे तुरंत unsubscribe कर दीजीए।

दोस्तो यह गं*दे चित्र वीडियो, ऑडियो आपके लिए जहर के समान है और ये आपके लिए ट्रिगर है, इसलिए इन्हें तुरंत ना कह देवें अगर आप सच में जीवन में सफल होना चाहते हैं तो…

आध्यात्मिकता से जुड़े योग करें जैसे की प्राणायाम, मेडिटेशन और व्यायाम करना और अच्छी किताबें को पढ़ना और अच्छे ऑडियोबुक्स को सुनना इत्यादि। दोस्तो किताबो को free में डाउनलोड करने की लिंक आर्टिकल के अंत में दी हुई है।

अपनी संग यानी की फ्रेंड सर्कल का भी अवश्य ध्यान रखें। हम किन लोगों के साथ रहते हैं, बात करते हैं, केवल लोग संग ही नहीं बल्कि जो हम देखते, पढ़ते और सुनते हैं वह भी एक संग है। क्योंकि जैसी हमारी संग होगी उसका रंग हमें भी लग जाएगा।

अगर आपको कभी असफलता मिलती भी है, तो हिम्मत ना हारे वापस से उठ खड़े हो जाएं और एक नई शुरुआत करके पूरी ऊर्जा के साथ दोबारा काम में लग जाए फिर जीत आपकी निश्चित है।

दोस्तो आखिर में यही कहना चाहूंगा कि ये जीवन बहुत अनमोल है, हीरे के समान बेश कीमती है, इसका एक एक सेकंड बहुत मूल्यवान है, इसे व्यर्थ नहीं गंवाना है, इसका सदुपयोग करके जीवन में सफलता हासिल करनी है और कुछ बड़ा करके दिखाना है।

ब्रह्मचर्य के लिए भोजन के नियम – Rules of Brahmacharya Diet in Hindi

“रसेन्द्रियों को जीते बिना जननेन्द्रियों को जितना असंभव है”

नोट: दोस्तो यह जरूरी नही है की नीचे के सभी नियमों को एक ही झटके से अपना लेंगे, समय के साथ धीरे धीरे करके अपने आपको ढाले, इन नियमों को कठिन समझ कर हिम्मत न हारे, क्योंकि अब आपका जीवन हीरा बन रहा है।

Brahmacharya Ke Niyam – Brahmacharya Rules in Hindi

1. प्याज़ और लहसून को तुरंत छोड़ दीजिए, क्योंकि ये ब्रह्मचारी के लिए विष के समान है।

2. मांसाहार का भी त्याग कर दीजीए क्योंकि मांसाहार के साथ ब्रह्मचर्य पालन की कल्पना भी नही की जा सकती।

3. दूध और फल ब्रह्मचर्य के लिए सबसे श्रेष्ठ भोजन है।

4. लाल मिर्च का सम्पूर्ण त्याग कर दीजीए और जरूरत हो तो थोड़ी हरी मिर्च ले सकते हैं। उसके कई दिनों के बाद धीरे धीरे करके उसे भी छोड़ दीजिए।

5. ज्यादा मसाला और तला भुना वाला भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।

6. रात का खाना 7:30 या 8:00 बजे से पहले कीजिए और रात का भोजन काफी हल्का होना चाहिए।

7. भगवान / परमात्मा की याद में बना हुआ खाना ही खाये, किसी कामी, विकारी के हाथ का भोजन जो ब्रह्मचर्य का पालन नही करता है, उसके हाथ से बना हुआ खाना न खाए।

8. हरी सब्जियां खाएं और उसके साथ ही सीजन के फल भी खाएं।

9. ज्यादा खट्टी चीज़े और ज्यादा मीठा न खाए।

10. सात्विक भोजन ही ब्रह्मचर्य का आधार है।

ब्रह्मचर्य के नियम – Brahmacharya Ke Niyam in Hindi Me

11. मौन में भोजन ग्रहण करे।

12. मोबाइल और टीवी को देखते हुए भोजन का सेवन नहीं करें।

13. घर का खाना ही खाये, बाहर के खाने का त्याग करे।

14. धीरे धीरे चबा चबाकर कर खाएं।

15. भिंडी, मूंग दाल ब्रह्मचर्य पालन में बहुत सहायक है।

16. उठते ही 2-3 गिलास पानी पिये।

17. खाने के 1 घंटे बाद ही पानी पिये।

18. खाना खुशी और शांति की स्थिति में ही खाये, गुस्से आदि भावो से नही खाए।

19. महीने में कम से कम एक दिन जरूर उपवास करे।

20. भूख से ज्यादा, अच्छी / मनपसंद चीज मिलने पर ठूस ठूस कर न खाए।

ब्रह्मचर्य रक्षा हेतु मंत्र (ब्रह्मचर्य मंत्र)

ब्रह्मचर्य की रक्षा करने के लिए हमारे ऋषि मुनियों ने हमारे लिए बहुत से ब्रह्मचर्य रक्षा हेतु मंत्र बताए हुए हैं। उनमें से 3 सबसे ज्यादा इफेक्टिव मंत्र नीचे बताए हुए हैं, उनका रोज उच्चारण करने से यानी की जप करने से हमारा ब्रह्मचर्य टूटने से बचता है।

अभी जो में आपको मंत्र बताने वाला हु, उस मंत्र को अगर आप हर दिन सुबह श्याम को जपते हैं, तो इस मंत्र से आपको आपके ब्रह्मचर्य की इस यात्रा में बहुत मदद मिलेगी।

ब्रह्मचर्य मंत्र:

“ॐ नमो भगवते महाबले पराक्रमाय मनोभिलाषितं मनः स्तंभ कुरु कुरु स्वाहा”

“ॐ अर्यमायै नमः”

हरे कृष्ण महामंत्र (सबसे सर्वश्रेष्ठ मंत्र)

“हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ; हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे”

दोस्तो ऊपर दिया हुआ ये जो “हरे कृष्ण महामंत्र” है ना, वो सबसे सर्वश्रेष्ठ मंत्र है। इसका नियमित रूप से जप करने से हमारे जीवन में जितनी भी समस्याएं हैं ना, वो सब दूर होनी लगती हैं। इसलिए हर रोज़ इस मंत्र का आस्था के साथ जप जरूर कीजिए।

Brahmacharya Books in Hindi Pdf Free Download

दोस्तो अगर Brahmacharya Books in Hindi Pdf Free Download करना चाहते हैं, तो हमने आपके लिए ब्रह्मचर्य से संबंधित किताबों की पीडीएफ फाइल फ्री डाऊनलोड करने की लिंक नीचे दी हुई है।

Brahmacharya Books Pdf in Hindi List:

  1. Divya Prerna Prakash Book in Hindi Pdf Download
  2. Brahmacharya Vrat Book Pdf Free Download
  3. Bhagvad Geeta Book in Hindi PDF Free Download
  4. समझ से प्राप्त ब्रह्मचर्य Book Pdf Free Download

Conclusion:

दोस्तो इस Top 100 Brahmacharya Ke Fayde in Hindi आर्टिकल से आपने ये सीखा की ब्रह्मचर्य क्या है, ब्रह्मचर्य का महत्व क्या है, ब्रह्मचर्य का पालन कैसे करें, ब्रह्मचर्य के लिए भोजन के नियम क्या है और इसके साथ ही आपने यह भी सीखा की ब्रह्मचर्य पालन के फायदे क्या है।

दोस्तो अगर आपको हमारे द्वारा लिखा हुआ “ब्रह्मचर्य क्या है और ब्रह्मचर्य के फायदे क्या हैं?” हिंदी आर्टिकल पसंद आया होगा और आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा, तो आप अपने मित्रों के साथ इस आर्टिकल को अवश्य शेयर कीजिए।

दोस्तो इसके साथ ही इस आर्टिकल से आपको नया क्या सीखने को मिला ? यह हमे नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताएं। क्योंकि दोस्तो आपका एक एक कॉमेंट हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है और हमारे लिए मोटिवेशन का काम करता है, इसलिए कमेंट करना बिलकुल भी न भूलें।

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दोस्तो इस Top 100 Brahmacharya Ke Fayde in Hindi आर्टिकल में सिर्फ इतना ही, दोस्तो हम आपसे फिर मिलेंगे ऐसे ही एक लाईफ चेंजिंग आर्टिकल के साथ, तब तक के लिए आप जहा भी रहिए खुश रहिए और खुशियां बांटते रहिए।

आपका बहुमूल्य समय हमे देने के लिए दिल से शुक्रिया...

ब्रह्मचर्य से सबंधित पूछे जाने वालें सवाल (FAQS):

विद्यार्थी जीवन में ब्रह्मचर्य का क्या महत्व है?

विद्यार्थी जीवन में ब्रह्मचर्य का बहुत महत्व है, क्योंकि विद्यार्थी जीवन में ब्रह्मचर्य का पालन करने से उसकी बुद्धि तीव्र होती है, उसकी स्मरण शक्ति तीव्र होती है, चहेरे पर ओज, तेज होता है।

1 महीने ब्रह्मचर्य का पालन करने से क्या होगा?

1 महीने ब्रह्मचर्य का पालन करने से हमारे आत्मविश्वास में वृद्धि हो जाती हैं और आप पहले से ज्यादा खुश रहेने लग जाओगे और आप एक दिलचस्प व्यक्ति बन जायेंगे।

ब्रह्मचर्य का लाभ कितने दिन में मिलता है?

30 दिन तक ब्रह्मचर्य का पालन करने से हमें ब्रह्मचर्य का लाभ मिलना शुरू हो जाते है.

ब्रह्मचर्य के नुकसान क्या है?

नहीं, दोस्तों ब्रह्मचर्य का पालन करने से हमें कोई भी नुकसान नहीं होता है। अगर ब्रह्मचर्य से हमें एक भी नुकसान होता ना तो, स्वामी विवेकानन्द जी और वेदों ने हमें ब्रह्मचर्य का पालन करने के लिए नहीं कहा होता।

ब्रह्मचर्य का पालन कितने दिन करना चाहिए?

ब्रह्मचर्य का पालन हमें तब तक करना चाहिए, जब तक की हमारे शरीर में आत्मा का सहवास है, क्यूंकि दोस्तों ब्रह्मचर्य ही जीवन है।

1 साल ब्रह्मचर्य पालन करने से क्या होगा?

1 साल तक ब्रह्मचर्य के पालन से आत्मबल प्राप्त होता है और आपका स्वास्थ पहले से ज्यादा बेहतर हो जाता है।

वेदों के अनुसार ब्रह्मचर्य का क्या महत्व है?

वेदों के अनुसार जो इंसान विषय विकारों में लिप्त है, वो व्यक्ती बंधा हुआ है, जो विषयों से अलिप्त है वह मुक्त है और वही महाशूर है। जो लोग अकाल मृत्यु से मरते हैं व मोक्ष के अधिकारी नहीं हाते, इसलिए अकाल मृत्यु से बचने के लिये ब्रह्मचर्य का पालन करना आवश्यक है।

क्या ब्रह्मचर्य में हस्तमै*थुन कर सकते है?

बिलकुल भी नहीं , क्यूंकि दोस्तों ब्रह्मचर्य में हस्तमै*थुन करना या कभी भी हस्तमै*थुन करना यानि की खुद के पैर पर खुद कुल्हाड़ी मारना होता है।

ब्रह्मचर्य से क्या लाभ होता है?

सोच पवित्र हो जायेगी, मानसिक शक्ति बढ जायेगी, आत्म विश्वास बढ जायेगा, आपका स्वास्थ पहले से बेहतर हो जायेगा।

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